Ascites Problem

लीवर सिरोसिस में जब ascites/पेट में पानी की प्रॉब्लम आने लगती है तो मरीज की देखभाल में काफी सावधानी की आवश्यकता  होती है, पेट में कम से कम पानी बने इसके लिए मरीज़ को 1 से सवा लीटर पानी पीने के लिए कहा जाता है, साथ में नमक कम लेने के लिए कहा जाता है. जब मरीज़ को नमक कम करने के लिए चिकित्सक कहते हैं तो देखने में आया है की कुछ मरीज़ नमक का सेवन बंद कर देते हैं यह गलत है ascites के मरीज़ को लगभग 2 gm. नमक लेना ही चाहिए, नमक को बंद नहीं करना चाहिए क्यूंकि अगर नमक बिलकुल बंद कर दिया जाता है तो सोडियम लेवल भी घटने लगता है, जिससे मरीज़ में अन्य विकार उत्पन्न होने की सम्भावना रहती है. मरीज़ को घी और मक्खन रहित सुपाच्य भोजन करना चाहिए, भोजन में सुपाच्य प्रोटीन जैसे राजमा, मूंग की छिलके वाली दाल, सोयाबीन का पनीर (Tofu), गाय का दूध, प्रोटीन डाईट के रूप में फायदेमंद है. रेड मीट और अल्कोहल आदि अप्द्रव्यो का सेवन अत्यंत घातक है.

ascites में प्रोटीन लेवल घटने लगता है जिसमे albumin और globulin का ratio बिगड़ता है savliv drops इस A:G ratio को बढ़ाने का काम करती है,  इसकी 8 बूँद सुबह और 8 बूँद शाम सेवन से albumin धीरे धीरे बढ़ता है और globulin उचित लेबल पर आकर A:G ratio भी बढ़ता  है.

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